श्री क्षेत्र महिषी देवी उग्रतारा स्थान

श्री क्षेत्र महिषी देवी उग्रतारा स्थान
श्री क्षेत्र महिषी देवी उग्रतारा स्थान
श्री क्षेत्र महिषी देवी उग्रतारा स्थान
श्री क्षेत्र महिषी देवी उग्रतारा स्थान

बिहार के महिषी ग्राम में माता उग्रतारा का मंदिर विराजमान है । यहाँ पर एक जल से भरे गड्ढे मे माता उग्रतारा की मूर्ति स्थापित है। तंत्रचूड़ामणी के अनुसार इसी स्थान पर माता सती का दायाँ गाल गिरा था इसलिए यह स्थान एक शक्तिपीठ है।

प्राचीन काल में महिषी में एक वृत्तंद नामक एक असुर रहता था। उसके कारण सभी महिषीवासी दुखी और त्रस्त थे। भक्तों ने आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से आश्विन शुक्ल तृतीया तक माता उग्रतारा से रक्षार्थ प्रार्थना की। तृतीया को अर्धरात्रि में माता उग्रतारा अत्यंत क्रोधित रूप में एक जलपूर्ण गड्ढे से प्रकट हुई (उसी गड्ढे में माता सती का गाल गिरा था)और वृत्तंद का वध कर दिया ।

माता के क्रोध शांत नही हुआ और माता समीपवर्ती श्मशान में चिताभस्म लगाकर तांडव करने लगी जिससे सृष्टि का विनाश होने लगा। माता को शांत करने के लिये महादेव ने एक बालक का रूप धारण किया श्मशान में जाकर रोने लगे। बालक को रोता देख देवी के अंदर मातृत्व जागृत हो गया और माता ने बालक को स्तनपान कराया। महादेव ने माता के दुध के साथ माता के क्रोध को भी पी लिया और माता शांत हो गई।

माता की मूर्ति में माता के दोनों तरफ बालकरूप और युवारूप में महादेव विराजमान है । हर वर्ष यहाँ पर आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से आश्विन शुक्ल तृतीया तक माता का मेला लगता है जिसमें कई भक्त मन्नत पूरी होने पर माता के सामने अंगारों पर चलते है।

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shri Sep 22, 2017
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