_seema_soni Jan 25, 2020

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Nirmala Chouhan Jan 25, 2020

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Pradeep Kumar Yadav Jan 25, 2020

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Naresh Verma Jan 25, 2020

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Sunil Kumar. Jan 25, 2020

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Raj Kumar Sharma Jan 25, 2020

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LAXMAN DAS Jan 25, 2020

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Shivani Jan 25, 2020

🎪🚩"जय श्री राम 🚩🎪सुप्रभात 🙏 आपका दिन मंगलमय हो 🙏 ✍️👉हे ,,मन तू क्यों उदास होता है।इस संसार का हर सुख-दु:ख मात्र छणिक है।हर एक श्वांस के साथ यह जीवन आगे बढ रहा है और ये सुख-दु:ख के छण भी इसी के साथ बदलते जाते है। "हे ,,मन तू किनके लिये आसूं बहाता है और किनके लिये द्वेश भाव रखता है, तू किसे अपना और किसे पराया समझ बैठा है। "हे मन ये सब छणिक संबंध है।जिनको समय के साथ छूट जाना है।तू उनके लिये रो रहा है जो तेरे कभी थे ही नही और तू उनसे द्वेश करता है जो एक दिन स्वत: समाप्त हो जायेगें। ""हे,, मन तू इस संसार में आने से पहले किन रिस्तो को जानता था और तेरे इस संसार से जाने के बाद तेरे साथ कौन से रिश्ते जायेगें। "हे,, मूढ मन तू ना ही ब्राह्मण है,ना ही क्षत्रिय,तू ना ही वैश्य है और ना ही शूद्र।तू ना ही गरीब है और ना ही अमीर।तो तू क्यों इन वर्णो के झमेले में पड गया।ये सारे गुण है।जो इसी शरीर के साथ समाप्त हो जायेगें।फिर तू क्यों किसी से प्रेम और किसी से ईर्ष्या भाव रखता है। "हे ,,मूढ मन तेरा तो यह शरीर भी तेरा नही है,तेरी श्वांसे भी तेरी नही है।फिर तूने इस शरीर से बने संबंधो और इस शरीर के लिये बनी सुविधा व असुविधाओ में क्यों उलझ गया। "हे ,,मन तू तो नित्य स्वतंत्र है।तो तू पराधीन कैसे हो गया।तूने क्या ऐसा कर दिया जिसके लिये तू अभिमान कर रहा है।ये सब कुछ तो छूटने वाले जड पदार्थ है जिनको तूने मूर्खता वस अपना समझ लिया है। "हे ,,मन तू किसकी आशा में मगन हो रहा है और किसके वियोग में रो रहा है।जब की ये सब ही नाशवान है।इस लिये हे मन तू अपने वास्तविक स्वरूप का ध्यान कर।तू एक स्वतंत्र चैतन्य है।तू कभी ना समाप्त होने वाला और सदा ही स्वतंत्र भाव से प्रकृति के साथ रमण करने वाला परम प्रसन्न रहने वाला,परम शांत चैतन्य आत्मा है।इस लिये तू अपने वास्तविक स्वरूप का ध्यान कर और शांति में डूब जा। "हे ,,मन तू इस प्राकृतिक शरीर और इससे रहने वाले हर संबंध से परे है।इस लिये तू अपने उस वास्तविक आत्म स्वरूप का ध्यान कर और परम शांति में डूब जा।क्योंकि तू शांति के लिये है अशांत होना तेरा स्वभाव नही है।इस लिये तू अपने निज स्वरूप का ध्यान कर और अपनी परम शांति में डूब जा।....

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dinesh patidar Jan 25, 2020

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Sanjay Singh Jan 25, 2020

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BIJAY PANDAY Jan 25, 2020

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BALRAM KARISHNA Jan 25, 2020

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